इस पोस्ट में भारतीय संविधान के भाग 1 संघ और राज्य क्षेत्र के बारे में डिटेल में वर्णन किया गया है। और विस्तार से समझाया गया है। 

संविधान के भाग 1 का वर्णन, भारतीय संविधान का भाग 1 संघ और राज्य क्षेत्र, Indian constitution part 1, samvidhan ka bhag 1, संविधान का भाग 1 को समझाइए।

संविधान का भाग 1 संघ और राज्य क्षेत्र

भारतीय संविधान के भाग 1 में संघ और राज्यों का उल्लेख किया गया है। तथा भाग 1 को 4 अनुच्छेदों में विभाजित किया गया है, जो निम्नलिखित है –

अनुच्छेद 1

  • भारत या इंडिया राज्यों का संघ है।

भारतीय संविधान के भाग एक के अनुच्छेद 1 में यह उल्लेख किया गया है कि भारत या इंडिया राज्यों का एक संघ होगा, अर्थात इस कथन में भारत शब्द का मतलब ग्रामीण क्षेत्र है तथा इंडिया शब्द का मतलब अर्थ शहरी क्षेत्र है। 

इसका तात्पर्य यह है कि भारत ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों से मिलकर बना है। 

अनुच्छेद 2

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 में जिन बातों का उल्लेख किया गया है वे निम्नलिखित है-

  • भारतीय संघ में नए राज्यों का प्रवेश 

इसके अनुसार यह उल्लेख है कि यदि भारत  किसी युद्ध में या किसी अन्य कारण से किसी दूसरे देश के राज्य या क्षेत्र को विजय करता है, तो उस क्षेत्र को इस अनुच्छेद के अंतर्गत भारत देश में मिलाया जा सकता है। 

नोट:- जैसे- भारत ने 1975 में सिक्किम को जीता था, तो 36 वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 2 के तहत सिक्किम को भारत में एक नए राज्य के तौर पर मिलाया गया था। 

अनुच्छेद 3

अनुच्छेद 3 में जिन बातों का वर्णन किया गया है, वे निम्नलिखित हैं – 

  • भारतीय संघ में नए राज्यों का पुनर्निर्माण या निर्माण। 
  • भारत में सम्मिलित राज्यों का पुनः निर्माण अर्थात दोबारा निर्माण। 
  • देश के राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन। 
  • राज्य के नाम में परिवर्तन। 
  • एक राज्य को तोड़कर नए राज्य का निर्माण। 

अनुच्छेद 3 के अनुसार यह उल्लेख है, कि भारत सम्मिलित में राज्यों को तोड़कर इनका नया निर्माण किया जा सकता है, तथा राज्यों की सीमा में बदलाव करना, राज्यों के नाम को बदलना, और  किसी राज्य को छोड़कर दूसरे राज्य का निर्माण करना, आदि कार्य अनुच्छेद 3 के अनुसार किये जायेंगे। 

नोट:- इस अनुच्छेद के तहत 2 जून 2014 को भारत के आंध्र प्रदेश राज्य को तोड़कर तेलंगाना राज्य के रूप में भारत में एक नए राज्य का निर्माण किया गया था। 

अनुच्छेद 4

अनु. 4 में जिन नियमों एवं निर्देशों का उल्लेख है वह नीचे दिए गए हैं-

  • अनु. 2 और अनुच्छेद 3 में जो परिवर्तन होंगे वे संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) तथा भाग 20 के अंतर्गत नहीं आएंगे। 

इसका मतलब है कि भारतीय संविधान के भाग एक में अनुच्छेद 2 अनुच्छेद और अनुच्छेद 3 में जीन निर्देशों एवं नियमों का उल्लेख किया गया है, वे संविधान संशोधन के अंतर्गत नहीं आएंगे, अर्थात अनुच्छेद 2 व 3 के नियमों को अपनाने के लिए संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता नहीं है।

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🔸 संविधान के प्रमुख स्रोत महत्वपूर्ण प्रश्न

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